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Printer क्या होता हैं इसकी पूरी जानकारी हिंदी में

आपने रेज्युमे बनाया और प्रिंट कर लिया. इतिहास का प्रोजेक्ट लिखा उसे प्रिंट कर लिया. और भी विभिन्न प्रकार के दस्तावेज हम रोजान प्रिंट करते हैं. यह सब कार्य हम प्रिंटर की मदद से आराम से कर लेते हैं.

मगर कभी आपने सोचा है प्रिंटर किसने बनाया? प्रिंटर कितने प्रकार का होता है?

नहीं! तो कोई बात नही आज इस लेख में हम आपको Computer Printer की पूरी जानकारी दे रहे हैं. अध्ययन की सुविधा के लिए हमने इस लेख को निम्न भागों में बांटा हैं.


प्रिंटर क्या हैं – What is Printer in Hindi?

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प्रिंटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाईस है जिसका उपयोग डिजिटल सूचना को कागज पर छापने के लिए किया जाता हैं. यह कम्प्युटर का बाहरी आउटपुट डिवाईस होता है. जो कम्प्युटर में सॉफ्ट कॉपी को हार्ड कॉपी में परिवर्तित करने का काम करता हैं.

प्रिंटर किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में स्टोर किये गए डाटा को (यह डाटा ईमेज, टेक्स्ट रूप में हो सकता हैं) एक पेज में प्रिंट करता है, यह पेज साइज के अनुसार छोटा या बड़ा हो सकता है. तथा जिससे हम उस प्रिंट किए गए पेज का उपयोग अनेक कार्यों के लिए कर सकते है.

आमतौर पर प्रिंटर कंप्यूटर के साथ कार्य करता है, और उसे केबल के द्वारा जोडा जाता हैं. परंतु वर्तमान समय में अनेक डिजिटल डिवाइस प्रिंटर फ़ीचर्स को सपोर्ट करते हैं, जिससे दूर बैठे प्रिंटर का इस्तेमाल किया जा सकता है. और ब्लुटूथ, वाई-फाई, क्लाउड तकनीक से प्रिंट कर सकते हैं.


प्रिंटर का इतिहास – History of Printer in Hindi?

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पहला कम्प्युटर प्रिंटर 19वीं शताब्दी में कम्प्युटर के पितामह मा. Charles Babbage ने अपने Difference Engine के लिए डिजाईन किया था. मगर 20वीं शताब्दी तक भी यह डिजाईन नही बन पाया था.

जापान की कंपनी Epson ने वर्ष 1968 में EP-101 नामक पहला इलेक्ट्रॉनिक प्रिंटर का आविष्कार किया. ये शुरुआती प्रिंटर आमतौर पर टाईपराईटर तथा टेलीटाईप मशीन का संकर होते थे.

प्रिंटर की स्पीड में बढ़ती माँग के कारण विशेषकर कंप्यूटर उपयोग के लिए प्रिंटर सिस्टम के विकास की ओर कार्य किया गया. तथा कुछ वर्षों के बाद 1984 में कम कीमत का HP Laser Jet को लॉन्च किया गया. परन्तु 2000 तक आते-आते इंटरनेट धीरे-धीरे विश्व भर में लोगों तक पहुँच रहा था. जिससे ईमेल का उपयोग कर दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) के आदान प्रदान किया जा सकता था तथा प्रिंटिंग की आवश्यकता में कमी लाने सहायता मिली.

वर्ष 2010 में 3D प्रिंटिंग आकर्षण का केंद्र बन गया. जिससे 3D ऑब्जेक्ट को सरल बना दिया हैं.  परन्तु वर्तमान समय मे यह प्रिंटिंग डिवाइस पूरी तरह से विकसित नहीं हुए हैं, जिस कारण इनकी पहुँच काफी कम है.


प्रिंटर के प्रकार – Types of Printers in Hindi?

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Different Types of Printers in Hindi

प्रिंटर के उपयोग और तकनीक के आधार पर इन्हे कई वर्गों में बांट सकते हैं. मगर कम्प्युटर प्रिंटर को हम मुख्यत: इन दो श्रेणीयों में बांट सकते हैं.

  1. Impact Printers
  2. Non-Impact Printers

1. Impact Printer in Hindi

ये प्रिंटर अक्षरों को कागज पर छापने के लिए स्याही भरी रीबन पर इन्हे मारते हैं तब वह अक्षर कागज पर छपता हैं. यह अपना कार्य बिल्कुल टाईपराईटर की तरह करते हैं. जिस तरह हम टाईपिंग़ करते है. ठीक उसी तरह ये प्रिंटर प्रिटिंग़ करते हैं.

यह सामान्य प्रिंटर की अपेक्षा अधिक ध्वनि उत्पन करते हैं तथा इनके विशेष फीचर्स के कारण इनका उपयोग अधिकतर  उन व्यवसायों में अधिक किया जाता है जहां मल्टी-पार्ट प्रिंट होता हैं. इंम्पैक्ट प्रिंटर की विशेषताएं

  1. यह बहुत आवाज करते हैं
  2. इनकी प्रिंटिंग़ लागत सस्ती होती हैं
  3. बल्क प्रिंटिंग के लिए फायदेंमद

इंपैक्ट प्रिंटर के मुख्य प्रकार

  1. Character Printer
  2. Line Printer

Character Printer

वह प्रिंटर जो एक बार में केवल एक अक्षर ही छापता हैं उसे Character Printer कहते हैं. इसके द्वारा केवल अक्षर ही छापे जा सकते हैं. ग्राफिक्स प्रिंटिंग इसके द्वारा संभव नहीं है. इनका उपयोग बहुत ही कम किया जाता हैं. कैरेक्टर प्रिंटर के दो प्रकार होते हैं.

  1. Dot Matrix Printer (DMP)
  2. Daisy Wheel Printer

Line Printer

यह प्रिंटर एक बार में एक पूरी लाईन छाप सकता हैं. इसलिए इसे लाईन प्रिंटर कहते हैं. इनकी प्रिंटिंग़ लागत बहुत कम होती है इसलिए इन्हे आज भी बिजनेस में इस्तेमाल किया जाता हैं. लाईन प्रिंटर को बार प्रिंटर भी कहते हैं.

2. Non-Impact Printer

यह प्रिंटर अक्षरों को छापने के लिए रिबन पर अक्षरों को मारता नही है. इसलिए इसे Non-Impact Printer कहते हैं. इसकी प्रिंटिंग़ क्वालिटि बहुत साफ होती हैं और यह शांति से अपना कार्य करता हैं.

इन प्रिंटर्स के द्वारा आप ग्राफिक्स प्रिंटिंग आराम से कर सकते हैं. इनकी लागत इंपैक्ट प्रिंटर की तुलना में थोडी सी ज्यादा होती हैं. मगर इनका परिणाम बेहतर होता हैं.

इंपैक्ट प्रिंटर के दो मुख्य प्रकार होते हैं.

  1. Laser Printer
  2. Inkjet Printer

प्रिंटर को कम्प्युटर या अन्य डिवाईस से कैसे कनेक्ट करते हैं?

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प्रिंटर अपने होस्ट डिवाईस यानि कम्प्युटर से कई तरह से संप्रेषण कर सकते हैं. इसका पारंपरिक तरीका केबल है जिसके द्वारा प्रिंटर को आसानी से कनेक्ट किया जा सकता हैं. मगर इसके अलावा भी कई अन्य तरीके है. जिनके बारे में नीचे बता रहे हैं?

  1. USB Cable
  2. Parallel Port
  3. Serial Port
  4. Wi-Fi
  5. Cloud
  6. Bluetooth

आपने क्या सीखा?  

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इस लेख में हमने आपको कम्प्युटर प्रिंटर के बारे में पूरी जानकारी दी हैं. आपने जाना कि प्रिंटर क्या हैं? प्रिंटर के प्रकार तथा प्रिंटर को कैसे कनेक्ट करते हैं? हमे उम्मीद है यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

#BeDigital

11 Comments

  • Barcode printers can now be used as stage-alone outfit thanks to advances in technology. They’ve their own keyboard that allows you to design and publish markers without having to be connected to a computer. When compared to fleck matrix or essay- spurt printers, thermal barcode printers have significantly lesser judgments or print quality. Thermal barcode printers can produce markers or barcodes according to your specifications.

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