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Spyware की पूरी जानकारि हिंदी में

क्या होगा यदि हमारी निजी जानकारियां किसी व्यक्ति, समहू द्वारा चुरा ली जाएं?

अब आप सोच रहे होंगे की आखिर कोई हमसे बिना अनुमति लिए हमारी निजी जानकारी कैसे देख एवं चुरा सकता है? परन्तु यह संभव है!

जी हाँ इस इंटरनेट जगत ने जहाँ हमारे कई कार्यो को आसान बना दिया है. वही दूसरी ओर इंटरनेट इस्तेमाल करते समय हमारी छोटी-सी चूक हमारे लिए बड़ी समस्या उत्त्पन्न कर सकती है.

यदि आप एक स्मार्टफोन या कंप्यूटर उपयोगकर्ता हैं. तो आपको Spyware के बारे में जरूर पता होना चाहिए. क्योंकि Spyware तकनीक का इस्तेमाल करके हैकर्स या कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी कोने में बैठ कर हमारे मोबाइल, कंप्यूटर आदि डिवाइस को हैक कर सकता हैं.

What is Spyware in Hindi Kya Hai
Spyware क्या हैं?

यदि आप जानना चाहते हैं की Spyware क्या है (What is Spyware in Hindi)?  तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण हैं. क्योंकि इस लेख में आपको स्पाईवेयर क्या है तथा यह कैसे हमारे लिए नुकसानदायक है? और इसके अटैक से कैसे सुरक्षित रह सकते हैं?


स्पाईवेयर क्या हैं – What is Spyware in Hind?

Spyware एक सॉफ्टवेयर होता है जो मैलवेयर का एक प्रकार है. यह किसी कंप्यूटर में बिना इजाजत के प्रवेश करता है और उस कंप्यूटर की सारी निजी जानकारियां Malware भेजने वाले व्यक्ति या समूह को दे देता है.

अतः एक बार किसी कंप्यूटर में Spyware के प्रवेश करने पर यूजर का पूरा डाटा चुराया जा सकता है. सामान्य शब्दों में कहें तो जिस तरह हमारे दैनिक जीवन मे किसी व्यक्ति द्वारा अपनी सुरक्षा बनाये रखने के लिए CCTV Camera का इस्तेमाल  लोगों पर निगरानी रखने के लिए किया जाता है. उसी तरह Spyware भी कंप्यूटर में पहुँच कर कंप्यूटर यूज़र द्वारा इंटरनेट पर की जाने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखता है. परन्तु इस बात की जानकारी से उपयोगकर्ता अनजान रहता है.

यहाँ एक बात हमें ध्यान में रखनी चाहिए कि Spyware एवं Adware एक वायरस नहीं है. क्योंकि  वायरस की तुलना में Spyware कंप्यूटर से अन्य कंप्यूटर्स तक नहीं फैलते. अर्थात वायरस एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम तक पहुँचने की कोशिश करते हैं. जबकि अधिकतर मामलों में स्पाइवेयर को  इंटरनेट से स्वयं डाउनलोड कर अपने सिस्टम में इनस्टॉल किया जाता है.

परन्तु यहाँ ध्यान रखने योग्य बात यह है कि वर्तमान समय में कई कंपनियों तथा कार्यालयों में कर्मचारियों की निगरानी के लिए भी Spyware को कंप्यूटर में इनस्टॉल किया जाता हैं. जिससे कंपनी के मैनेजर या सीईओ कर्मचारियों द्वारा कंप्यूटर में की जाने वाली इंटरनेट क्रियाकलापों पर नजर रख सही-सही जानकारी पता लग सके. इस प्रकार Spyware विभिन्न प्रकार की निजी जानकारियों को गुप्त रूप से पता लगाता है.


Spyware कैसे काम करता हैं और किस तरह सिस्टम में इंस्टॉल होता हैं?

इसे Junkware/Malware के रूप में भी जाना जाता है. Spyware के कंप्यूटर में प्रवेश करने के बाद यह कंप्यूटर की कार्य प्रणाली क्षमता को प्रभावित करता है. उसकी गति को धीमा कर देता है.

वर्तमान समय में हम इंटरनेट पर वेब ब्राउजिंग अनेक कार्यों के लिए करते हैं. ब्राउज़िंग करते समय आमतौर पर एपलिकेशन एवं फाईल्स कंप्यूटर में डाउनलोड करते है. उदाहरण के लिए यदि आपने किसी वेबसाइट से फाईल जो Winrar फॉरमैट में डाउनलोड की है. औऱ अब आपको उस फाइल का इस्तेमाल करने के लिए उस .rar फ़ाइल को ओपन करना होगा.

इस तरह आप कंप्यूटर में सफलतापूर्वक Winrar फ़ाइल इनस्टॉल कर चुके होंगे. लेकिन अब सोचने वाली बात यह है कि आमतौर पर Winrar Files को इसी प्रकार इनस्टॉल किया जाता है.

परन्तु कभी-कभी हैकर्स, या कोई भी व्यक्ति इन फाईल्स के Setup में Spyware Software अटैच करते हैं. जिससे App के कंप्यूटर में इनस्टॉल होने के साथ-साथ आपकी अनुमति के बगैर Spyware सॉफ्टवेयर भी इनस्टॉल हो जाता है. और आप इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा पाते. Spyware इटरनेट से कनेक्ट होते ही अपना कार्य शुरू कर देता है.

इस प्रकार किसी सिस्टम में Spyware प्रवेश करता है. हालांकि यहाँ आपका जानना जरूरी है कि सामान्य/सुरक्षित वेबसाइट से किसी फ़ाइल को डाउनलोड करने पर इस तरह Spyware हमले की सम्भावनाएं निम्न होती हैं.

परन्तु इंटरनेट पर किसी Unknown/Not Secure वेबसाइट से  किसी गेम, सॉफ्टवेयर, पॉप-अप, .rar, .zip फ़ाइल/सामग्री डाउनलोड करने से पूर्व वेबसाइट का URL चेक करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. जिससे आप एक सुरक्षित वेबसाइट से इस प्रकार की फाईल्स को डाउनलोड कर कंप्यूटर में Run कर सके.


Spyware अटैक होने के नुकसान?

हमारी त्रुटि से यदि किसी कंप्यूटर में एक बार Spyware  इंस्टॉल हो जाने पर कंप्यूटर पर हमारे द्वारा इंटरनेट पर की जाने वाली सभी क्रियाकलापों को सॉफ्टवेयर मालिक के पास भेजता है.

अतः जिससे इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय किसी वेब ब्राउज़र  में फेसबुक, गूगल आदि के अलावा अन्य प्रकार के सोशल साईट्स, एप्स में लॉगिन करने वाला तथा अकाउंट की जानकारी शेयर हो सकती हैं.


आपने क्या सीखा?

इस लेख में हमने आपको स्पाईवेयर के बारे में पूरी जानकारी दी हैं. आपने जाना कि स्पाईवेयर क्या होता है? यह कैसे काम करता है और स्पाईवेयर हमारे लिए किस प्रकार नुकसानदायक साबित हो सकता है? हमे उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

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