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DTP क्या है, डीटीपी कोर्सेस, डीटीपी में करियर और DTP Operator कैसे बने की हिंदी में जानकारी

छपाई का कार्य इंसान शुरुआत से ही करता आ रहा है. पत्तों से लेकर कपड़े और आज आधुनिक मशीनों द्वारा विभिन्न प्रकार की सामग्री पर प्रिंटिंग इसका ताजा विकास है.

बाजारों में, गलियों में, अखबारों, पत्रिकाओं, प्रोग्रामों तथा अन्य आयोजनों में प्रिंटिंग का काम आप देख सकते हैं. होर्डिंग्स, बैनर, पर्चे, सूचना कार्ड, आवेदन फॉर्म, विजिटिंग कार्ड ये सभी प्रिंटिंग के उत्पाद ही है.

लेकिन, कभी आपने सोचा है कि यह सभी कार्य कैसे होता है और कौन करता है?

नहीं तो कोई बात नहीं. क्योंकि, इस लेख में हम आपको इसी तकनीके से रू-ब-रू कराएंगे और आपको बताएंगे कि डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या होती है? और इस काम को कौन करता है?

अध्ययन की सुविधा के लिए इस लेख को निम्न भागों में बांट दिया है.  

DTP क्या है?

Desktop Publishing, संक्षेप में डीटीपी, प्रकाशन की एक इलेक्ट्रॉनिक कला है. जिसके द्वारा कम्युनिकेशन सामग्री का निर्माण विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक टूल्स का उपयोग करके किया जाता है. इस कार्य में कम्प्यूटर, डीटीपी प्रोग्राम्स, प्रिंटिंग मशीन तथा ऑपरेटर्स शामिल होते है. इसकी शुरुआत माननीय James Davis ने सन 1983 में की थी.

अगर, हम डेस्कटॉप पब्लिशिंग का शब्दिक अर्थ जानने की कोशिश करें तो पाते हैं कि इसका अर्थ होता है, “हमारी मेज पर मौजूद उपकरणों की सहायता से छपाई तथा प्रकाशन का कार्य करना.”

और जो सच भी हो चुका है. आज आप अपनी मेज पर मौजूद कम्प्यूटर तथा उसमें मौजूद ग्राफिक्स प्रोग्राम के जरिए विभिन्न प्रचार सामग्री कागज पर छापने के लिए तैयार करते हैं. जिसे डिजिटली भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

पर्चे, होर्डिंग्स, ब्रोसर, कैटेलॉग, बिजनेस कार्ड, लोगो, नेम प्लेट, बुक कवर, बुक डिजाइन, अखबार पेज डिजाइन, मैगजीन डिजाइन आदि तरह की सामग्री का निर्माण डीटीपी के अंतर्गत किया जाता है.

DTP Full Form

DTP Full Form – Desktop Publishing होती है. जिसमें DT का अर्थ है डेस्कटॉप और P से पब्लिशिंग बनता है.

DTP Operator कौन होता है?

सीधे शब्दों में कहे तो डीटीपी का काम करने वाला व्यक्ति ही डीटीपी ऑपरेटर कहलाता है. मतलब, डेस्कटॉप पब्लिशिंग प्रोग्राम्स के द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रिंटिंग सामग्री तैयार करने वाला पेशेवर व्यक्ति को डीटीपी ऑपरेटर कहते हैं.

हम अपने दैनिक जीवन में घूमते फिरते विभिन्न प्रकार की प्रिंट की गई सामग्रियां जैसे किताबें, मैगजीन, बैनर या फिर विज्ञापन देखते हैं, इन्हें एक डीटीपी ऑपरेटर द्वारा ही तैयार किया जाता है.

डीटीपी ऑपरेटर एक कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर की सहायता से टेक्सट और इलस्ट्रेशन को एक साथ मिलाकर ऐसा डिजाइन तैयार करता हैं, ताकि उसे प्रिंटिंग & पब्लिशिंग (छपाई) के लिए तैयार किया जा सके.

डीटीपी ऑपरेटर किसी फर्म, कंपनी या संस्था में कार्य करते हुए किसी जानकारी को अपने विचारों एवम् रचनात्मकता से आकर्षक और समझने योग्य तरीके से ग्राहकों तक पहुंचाते है.

DTP Operator बेहद जिम्मेदारी भरा पद होता है. क्योंकि किसी भी कंपनी या संस्था लोगों या ग्राहकों तक जो भी जानकारी पहुंचाना चाहते हैं. एक डीटीपी ऑपरेटर की जिम्मेदारी होती है कि उस जानकारी को सहज एवं आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाए.

वाकई यह जिम्मेदारी इतनी बड़ी होती कि कई बार डीटीपी ऑपरेटर अपना काम बखूबी करते हैं तो कंपनी के मार्केटिंग का आधा कार्य वहीं पर समाप्त हो जाता है.

वर्तमान समय में स्किल्ड डीटीपी ऑपरेटर की मार्केट में काफी ज्यादा डिमांड है, यदि आप इस कार्य में कुशल हैं और आप छपाई को अच्छा डिजाइन देने में सक्षम है तो आप घर बैठे एक फ्रीलांसर के तौर पर अपनी सेवाएं देकर इससे कमाई कर सकते हैं.

DTP Operator का क्या कार्य होता है?

एक डीटीपी ऑपरेटर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की सहायता से प्रिंटिंग मैटेरियल जैसे कि पुस्तकें, अखबार मैगजीन वाउचर, पोस्टर, टेंपलेट, जनरल इत्यादि को आकर्षक एवम् अच्छी तरीके से डिजाइन करता है. ताकि उस चित्र को देखकर आसानी से उसके बारे में समझा जा सके.

डीटीपी ऑपरेटर सामान्यतः हफ्ते के 5 दिन Monday to Friday कार्य करता है. यदि डीटीपी ऑपरेटर एक फ्रीलांसर है तो कई स्थिति में जरूरत पड़ने पर यह कार्य ज्यादा भी हो सकता है. इनका अधिकतर समय कंप्यूटर स्क्रीन के सामने ही बीतता है.

इस दौरान वह निम्न कार्य करता रहता है.

  • नई-नई सामग्री तैयार करना और पुराने काम को पूरा करना
  • पेज लेआउट, पेज सेटप करना
  • फॉर्मेटिंग जैसे साइज, कॉलम, स्पेस वगैरह जांचना
  • कलर्स का ध्यान रखना
  • फोटोग्राफ्स तथा अन्य ग्राफिक्स को स्कैन और एडिट करना
  • साथ में प्रत्येक मैटेरियल को कंपनी और मार्केटिंग कैंपेन के आधार पर तैयार करना ताकि अधिक से अधिक लोगों तक बात पहुँचाई जा सके

DTP के लिए काम आने वाले प्रमुख सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स

#1 Photoshop

फोटोशॉप एक ग्राफिक एडिटर प्रोग्राम है. जिसके द्वारा आप ग्राफिक्स एडिट करने के साथ-साथ नए ग्राफिक्स भी तैयार कर सकते हैं. साथ में वेब डिजाइनिंग का काम भी इस टूल की सहायता से पूरा किया जा सकता है.

#2 Corel Draw

इस टूल का उपयोग समाचार पत्र-पत्रिकाओं तथा बैनर, होर्डिंग्स, पर्चे आदि बनाने के लिए किया जाता है. आपके शहर में जो लोकल प्रिंटिंग प्रेस की दुकान है. वहां पर आप इस सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए देख सकते हैं.

#3 Adobe InDesign

एडोब सिस्टम द्वारा विकसित एक लोकप्रिय डेस्कटॉप टूल एडोब इनडिजाइन का उपयोग करके आप बेहतरीन ग्राफिक्स तथा पेज लेआउट तैयार कर सकते हैं. जिनका उपयोग करके आप संभावित ग्राहकों तक अपना मैसेज पहुँचाने में जरूर कामयाब हो जाएंगे.

इस टूल के द्वारा विभिन प्रचार सामग्री जैसे विजिटिंग कार्ड, पर्चे, बैनर, होर्डिंग्स आदि शानदार क्वालिटी में तैयार कर सकते हैं.

#4 PageMaker

अपने जमाने का जाना-माना डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर है पेजमेकर. लेकिन, आज इसका विकास रुक गया है. और इसकी मालिक कंपनी एडोब सिस्टम द्वारा इसका डवलपमेंट कार्य भी नहीं करवाया जा रहा है. क्योंकि, इसके स्थान पर कंपनी ने एडोब इनडिजाइन को शुरु कर दिया है.

#5 Adobe Flash

इस सॉफ़्टवेयर का उपयोग विभिन्न प्रकार की मल्टीमीडिया फाइल्स को रन करने के लिए किया जाता है. और आपने भी अपने विंडोज पीसी में इस टूल को जरूर इंस्टॉल किया होगा.

#6 Microsoft Publisher

अभी तक हमने जितने भी सॉफ्टवेयर की बात की है. उनमे एक भी माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित टूल नहीं है. लेकिन, इस दानव कंपनी का नाम ना आए ऐसा नही हो सकता है.

इसलिए, माइक्रोसॉफ्ट द्वारा तैयार डेस्कटॉप पब्लिशिंग टूल है – माइक्रोसॉफ्ट पब्लिशर.

इस टूल को उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है. जो घरेलू काम, छोटा बिजनेस चलाते है और मार्केटिंग से लेकर सेल्स तक सारा काम खुद ही देखते है. इसके द्वारा भी आप डेक्सटॉप पब्लिशिंग का अधिकतर काम मिनटों में पूरा कर सकते हैं.

#7 MS Word

यह एक वर्ड एडिटिंग टूल है. जो टेक्स्ट डॉक्युमेंट बनाने के लिए बेहद एडवांस टूल मुहैया कराता है. मगर, कुछ साधारण प्रिंटिंग कार्य इस टूल द्वारा भी आसानी से किया जा सकता है.

#8 MS PowerPoint

यह टूल कुछ हद तक ग्राफिक्स पर ध्यान देता है और एक डेस्कटॉप पब्लिशिंग टूल की भांती पेज तैयार करने की सहुलियत देता है. इसलिए, एम एस पावरपॉइंट का उपयोग करके भी विभिन्न प्रकार का पब्लिशिंग कार्य कर सकते हैं.

DTP का उपयोग किन कामों में होता है?

हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली से डेस्कटॉप पब्लिशिंग इतनी जुड़ चुकी है कि हमे मालूम ही नहीं चलता कि यह काम एक डीटीपी द्वारा ही किया जाता है.

दिन की शूरुआत आप अखबार पढ़ने से करते है जो डीटीपी का सबसे प्रमुख और सटीक उदाहरण है. इससे बढ़िया उदाहरण डीटीपी कार्य को समझाने का नहीं है.

इसके अलावा बहुत सारे ऐसे कार्य है. जहां पर डीटीपी का उपयोग धडल्ले से होता है. जिनमें से कुछ नाम नीचे बता रहा हूँ.

  • अखबार तथा पत्रिका (Newspaper and Magazines)
  • ब्राउसर & कैटेलॉग (Broacher & Catalogue)
  • बिजनेस & विजिटिंग कार्ड्स (Business & Visiting Cards)
  • शादी कार्ड तथा अन्य इवेंट सामग्री
  • किताबें  (Books)
  • आवेदन पत्र तथा फॉर्म (Application Letter and Forms)
  • विज्ञापन (Advertisement)
  • कार्यालय नोटिस & लेटर हेड (Notice & Letter Head)
  • पोस्टर (Poster)
  • पर्चे (Pamphlets)
  • होर्डिंग्स तथा बैनर (Hording & Banner)
  • बिल बुक तथा रसीद (Bill Book & Receipt)

DTP के फायदें – Advantages of DTP in Hindi

#1 समय की बचत

Time Saving Tips in Hindi

शुरुआत में प्रकाशन का काम हाथों से होता था. जिसे करने में बहुत सारे कामगार तो चाहिए ही होते थे. साथ में इस कार्य को करने में समय भी खूब खपता था.

लेकिन, तकनीक के आने के बाद दिनों का काम मिनटों में सिकुड़ चुका है. डीटीपी प्रणाली हर प्रिंटिंग काम को बड़ी ही तेजी से करने की क्षमता प्रदान करती है.  

#2 कम लागत

आप कह सकते है कि लागत कम कैसे हुई है? इस कार्य को करने के लिए तो मशीनों के साथ-साथ सॉफ्टवेयर की लागत भी लगती है.

आपका सोचना सही है. लेकिन, जब आप इस खर्च की तुलना पुरानी पद्धती में लगने वाले औजारों, कामगार तथा समय की लागत से करेंगे तो पाएंगे कि पहले के मुकाबले डीटीपी से प्रकाशन का कार्य बहुत सस्ता और तेज गति से पूरा हो जाता है.

#3 बदलाव संभव

जब सारा काम हाथ से होता था तो एक बार काम होने के बाद उसमे बदलाव करने की सोच भी नहीं सकते थे. मगर, डीटीपी तकनीक ने यह संभव कर दिखाया है.

आप एक ही डिजाइन में कितनी बार भी बदलाव कर सकते हैं. और उसे अपनी जरूरत के अनुसार डिजाइन करवा सकते हैं. काम की बात यह है कि इस कार्य में ज्यादा समय भी खर्च नहीं होता.

डीटीपी पैकेज्स सभी डिजाइंस को स्टोर करने की सहुलियत देते है. इसलिए, आप पुराने डिजाइनों में मनचाहा बदलाव करवा पाते हैं.

  • फॉण्ट स्टाइल
  • फॉण्ट करनिंग (अक्षरों के बीच स्पेस)
  • कलर
  • पेज डिजाइन
  • ग्राफिक्स
  • टेक्स्ट

ये कुछ सार्वभौमिक बदलाव है जो लगभग सभी डीटीपी प्रोग्राम्स के द्वारा किए जा सकते हैं.

#4 मनचाहा डिजाइन

अब आपको कारिगर की कारीगरी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. यदि आपका कारिगर कम कुशल है तो आपको कम आकर्षक डिजाइनों से ही काम चलाना पड़ेगा. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है.

डीटीपी प्रोग्राम्स सभी ऑपरेटर्स को बराबर सुविधाएं देते हैं. जो विदेशों में छप सकता है उसे आप अपने देश में भी पब्लिश करवा सकते हैं.

आप बस सोचिए और ऐसा ही डिजाइन बन जाएगा. इतनी सुविधा देता है डीटीपी.

#5 विभिन्न टूल्स

मैंने आपको उपर विभिन्न डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी दी है. उस सूची में जितने भी नाम शामिल है. सभी टूल्स आपको टेक्स्ट फॉर्मेटिंग, पेज फॉर्मेटिंग, वर्तनी जांचक, ऑटो कैरेक्शन, फाइंड & रिप्लेस, कलर सेटिंग, प्रिंटिंग आदि टूल्स उपलब्ध करवाते हैं.

DTP Operator कैसे बने?

यदि डीटीपी ऑपरेटर बनने के इच्छुक हैं तो आपको उम्र सीमा एवं एजुकेशनल क्वालीफिकेशन के बारे में जान लेना चाहिए.

बात की जाए शैक्षणिक योग्यता की तो एक डीटीपी ऑपरेटर बनने के लिए किसी तरह की एजुकेशनल क्वालीफिकेशन की आवश्यकता नहीं होती. लेकिन, सही तरीके से कार्य हो इसके लिए जरूरी है कि कैंडिडेट का दसवीं या फिर 12वीं पास कम से कम होना चाहिए.

यदि कैंडिडेट की क्वालिफिकेशन इससे अधिक हैं तो इसका लाभ यह है कि वह किसी बड़ी और बेहतर फर्म या संस्था में कार्य करके अपनी सेवाएं दे सकता है.

शैक्षणिक योग्यताएं: यदि आप DTP में करियर बनाना चाहते है तो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास और डेस्कटॉप प्रोग्राम्स पर काम करना आना चाहिए. फुल टाइम करियर बनाने के लिए आप Diploma in DTP और Graduation & Post Graduation Degree in DTP जैसे कोर्स कर सकते हैं.

उम्र सीमा: कार्य करने के लिए उम्र सीमा को कोई खास महत्व नहीं दिया जाता. आपकी उम्र सीमा कम से कम 18 होनी चाहिए. इसके अलावा अधिकतम उम्र सीमा की बात करें तो 25 से 40 वर्ष के बीच के आवेदकों को फर्म डीटीपी ऑपरेटर के लिए हायर करती हैं.

 डीटीपी ऑपरेटर सैलरी: हर कार्य की तरह ही इस फील्ड में भी सैलरी व्यक्ति के कौशल (Skill) पर निर्भर होती. एक कुशल डीटीपी ऑपरेटर की सैलरी जहां ज्यादा होती है, और यदि आप इस फील्ड में नए हैं तो आप को फ्रेशर के तौर पर कम सैलरी दी जाती है. अगर, एक अनुमान की बात करें तो एक डीटीपी ऑपरेटर की सैलरी 12,000 से शूरु हो जाती है.

एक डीटीपी ऑपरेटर बनने के लिए क्या योग्यता एवं गुण व्यक्ति के अंदर होने चाहिए?

चुंकि, डीटीपी ऑपरेटर एक रचनात्मकता एवं नॉलेज का क्षेत्र है. अतः इस फील्ड में कार्य करने के लिए व्यक्ति के अंदर कुछ जरूरी विशेषताएं और कार्य-योग्यताएं होनी चाहिए.

  • कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान होना चाहिए.
  • एक बेहतर डिजाइन करने के लिए आपके पास रचनात्मकता होनी चाहिए.
  • प्रेशर में कार्य करने अथवा निर्धारित समय अनुसार कार्य करने की क्षमता होनी चाहिए.
  • व्यक्तिगत रूप से या फिर पूरी टीम के साथ कार्य करने का हुनर होना चाहिए.
  • किसी डिजाइन को बारीकी का पालन करना चाहिए.
  • इस फील्ड में कठिन परिश्रम के साथ साथ कमिटमेंट और ऑनेस्टी के साथ कार्य करने की क्षमता होनी चाहिए.
  • आर्टिस्ट को यह वर्क करने में आनंद आना चाहिए.

DTP में भविष्य

आज लगभग सभी क्षेत्रों में किसी प्रकार की जानकारी लोगों तक पहुंचाने या कहें एडवरटाइजिंग के कार्य के लिए कंप्यूटर नामक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है. अतः जैसे जैसे डिजिटलीकरण बढ़ रहा है. वैसे इस फील्ड में जॉब के अवसर तेजी से बढ़े हैं.

साथ ही बता दें DTP Operator का कार्य न सिर्फ नई-नई जानकारियों को कस्टमर्स तक पहुंचाना होता है. बल्कि, आज भी काफी चीजें है जो कंप्यूटराइज्ड करना बाकी है. छोटी सी किराने की दुकान से लेकर बड़े ऑफिस तक  में डीटीपी ऑपरेटर अपनी सेवाएं दे सकता है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भविष्य में इस क्षेत्र में कितनी अपार संभावनाएं हैं.

आपने क्या सीखा?

इस लेख में मैंने आपको डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या होती है और इसमें करियर कैसे बनाए के बारे में पूरा जानकारी दी है.

आपने डीटीपी क्या होती है, एक डीटीपी ऑपरेटर कैसे बने, डीटीपी का कार्य तथा डीटीपी में काम आने वाले कम्प्यूटर प्रोग्राम्स के बारे में जाना है.

मुझे पूरा विश्वास है कि यह लेख आपको पसंद आएगा और आपके लिए उपयोगी साबित होगा. इसलिए, इस लेख को अपने दोस्तों के साथ साझा करना ना भूले.

#BeDigital

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