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Google Docs क्या है इसे उपयोग करने की हिंदी में जानकारी

Google Docs या कहें कि गूगल डॉक्युमेंट्स का नाम आपने जरूर सुना होगा. और इसका उपयोग भी करने के बारे में प्लानिंग की हो तो पता नहीं.

एम एस वर्ड का उपयोग करने वाले यूजर्स जरूर गूगल डॉक्स के बारे में जानते है. क्योंकि, वे हमेशा एम एस ऑफिस के बेस्ट अल्टरनेटिव (वैकल्पिक) वर्ड एडिटर प्रोग्राम की तलाश में रहते है. और इस सूची में गूगल डॉक्स का नाम ऊपर की पंक्ति में लिखा जाता है.   

यदि आप गूगल डॉक्स प्रोग्राम के बारे में जानते है तो आप एक जागरुक और चतुर इंटरनेट यूजर है. और टेक्नोलॉजी का अपने फायदें के लिए इस्तेमाल करना जानते है.

लेकिन, किसी कारणवश आप इस शानदार फ्री वर्ड एडिटर प्रोग्राम से परिचित होना भूल गए है. तो कोई बात नही है. इस लेख में हम आपको गूगल डॉक्स क्या है, इसका उपयोग क्यों और कैसे करते है? आदि सवालों के जवाब दें रहे है.

यह गूगल डॉक्स गाइड आपको गूगल डॉक्युमेंट प्रोग्राम से परिचित कराएगी और यहाँ आपको इसकी पूरी जानकारी मिलेगी. अध्ययन की सुविधा के लिए इस गाइड को निम्न भागों में बांटा गया है.  

Google Docs क्या है?

Google Docs एक फ्री वेब-आधारित वर्ड एडिटर प्रोग्राम है. जिसे गूगल द्वारा विकसित और संचालित किया जा रहा है. इस ऑनलाइन वर्ड एडिटर के द्वारा डॉक्युमेंट्स बनाना, शेयर करना, संपादित करना, सामुहिक चर्चा करना, अपडेट करना आदि काम आसानी से किए जा सकते है. गूगल डॉक्स पर्सनल तथा बिजनेस दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है.

Google Docs Kya Hai

गूगल डॉक्स का पूरा नाम गूगल डॉक्युमेंट्स है. और यह गूगल की बिजनेस सर्विस G Suite का हिस्सा है. जिसके तहत बिजनेस यूजर्स को फुल ऑनलाइन बिजनेस सुइट ऑफर किया जाता है.

इस सेट में गूगल डॉक्स के अलावा गूगल शीट्स (स्प्रेडशीट प्रोग्राम), गूगल स्लाइड्स (प्रेजेंटेशन प्रोग्राम), गूगल ड्राइव (क्लाउ-स्टोरेज सर्विस) आदि शामिल है.

गूगल डॉक्स के द्वारा आप एम एस वर्ड तथा अन्य वर्ड एडिटर प्रोग्राम की भांति सारा काम कर सकते है. साथ में डॉक्युमेंट्स को सामुहिक चर्चा के लिए Online Collaboration कराने के लिए अन्य यूजर्स के साथ शेयर भी कर सकते है.

ऑनलाइन सामुहिक चर्चा की सुविधा का अन्य परंपरागत वर्ड एडिटर्स में अभाव है. इसलिए, ज्यादातर स्मॉल एंड मीडियम ऑनलाइन बिजनेस गूगल डॉक्स को प्राथमिकता देते है.

गूगल डॉक्स का संक्षिप्त इतिहास – Brief History of Google Docs in Hindi

गूगल डॉक्स को आम लोगों के लिए 9 मार्च, 2006 को लॉन्च किया गया था. वर्तमान में इसका मालिक गूगल इंक है. और इसे अपडेट तथा संभालने की जिम्मेदारी भी गूगल की है.

इस प्रोग्राम का जो रूप आज हमारे लिए उपलब्ध है. शुरुआत में नहीं था. क्योंकि, इस वर्ड एडिटर प्रोग्राम को असल में गूगल ने नहीं बल्कि Upstartle ने विकसित किया था.

इस कंपनी ने Writely नाम से अपना वेब-आधारित वर्ड एडिटर सॉफ़्टवेयर विकसित किया था. जिसे 2005 में पेश किया गया. इस कंपनी को गूगल ने खरिद लिया. और Writely का नाम बदलकर गूगल डॉक्स कर दिया.

इस प्रकार गूगल डॉक्स Writely तथा XL2Web इन दो प्रोग्रामों से मिलकर विकसित हुआ है. साथ में गूगल द्वारा अधिग्रहित कंपनी DocVerse की तकनीक को समाए हुए है.

गूगल ने 2012 में QuickOffice का अधिग्रहण कर लिया. जिसके बाद गूगल डॉक्स का मोबाइल डिवाइसों के लिए उपलब्ध होना आसान हो गया. और एंड्रॉइड तथा आईऑस के लिए मोबाइल एप के रुप में परिणाम हमारे सामने है.

मोबाइल एप के अलावा गूगल डॉक्स को सभी मुख्य ब्राउजरों (गूगल क्रोम, फायरफॉक्स, ओपेरा मिनी, सफारी आदि) में वेबसाइट के जरिए, क्रोम एक्सटेंशन, क्रोम ऑएस एप आदि के जरिए एक्सेस किया जा सकता है.  

इसी सुविधा के कारण आज गूगल डॉक्स का खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. और एम एस वर्ड को कड़ी टक्कर दे रहा है.

गूगल डॉक्स के फायदें – Advantages of Google Docs in Hindi

गूगल डॉक्स प्रोग्राम मुफ्त उपलब्ध है. यह इसकी सबसे बड़ी खासियत है. और इसी के कारण फ्रीलांसर राइटर्स, पत्रकार, ब्लॉगर्स, कंटेट राइटर्स, लेखक आदि की पहली पसंद है.

कम कीमत या कहें कि फ्री के अलावा भी गूगल डॉक्स के अन्य लाभ (Google Docs Benefits in Hindi) है. जिनके बारे में नीचे बताया जा रहा है.

  • मुफ्त उपलब्ध
  • क्लाउड-आधारित
  • गूगल सर्च करें
  • शेयरिंग एवं सामुहिक चर्चा संभव
  • मल्टी-डिवाइस सपोर्ट
  • एड-ऑन की सुविधा
  • ऑफलाइन वर्क संभव
  • एम एस वर्ड के अनुकूल
  • टेम्प्लेट्स की सुविधा
  • विभन्न फाइल फॉर्मेट सपोर्ट
  • अपडेटेड सॉफ्टवेयर
  • उपयोग में आसान  

#1 मुफ्त उपलब्ध

दुनियाभर में मौजूद फ्री वर्ड एडिटर्स प्रोग्राम्स में एक बेहतरीन प्रोग्राम है गूगल डॉक्स. जो यूजर्स के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है. जिसे मात्र ब्राउजर के जरिए एक्सेस किया जा सकता है.

फ्री होने के बावजूद इसके फीचर्स किसी भी कीमती वर्ड एडिटर प्रोग्राम्स से कम नहीं है. बल्कि, कई मायनों में उनसे बेहतर फीचर्स और टूल्स प्रोवाइड कराता है.

#2 क्लाउड-आधारित

गूगल डॉक्स में किया गया सारा काम क्लाउड में सेव रहता है. यानि आपको बार-बार Ctrl+S दबाने की कोई जरूरत नहीं है.

आपके द्वारा टाइप एक अक्षर भी ऑटोसेव किया जाता है. गूगल डॉक्स की ऑटोसेव तथा ऑटोसिंक सुविधा यूजर्स के सभी डॉक्युमेंट्स को अपडेट रखती है. चाहे उसने किसी भी डिवाइस में काम किया हो.

आप कहीं भी, किसी भी डिवाइस में अपने डॉक्युमेंट्स पर वर्क कर सकते है. उन्हे सेव करने का झंझट नहीं रहता है. आप जहाँ जाते है वहीं आपके डॉक्युमेंट साए की तरह आपके साथ-साथ रहते है.

इन डॉक्युमेंट्स को गूगल की क्लाउड स्टोरेज सर्विस गूगल ड्राइव के जरिए कभी भी एक्सेस किया जा सकता है. पर्सनल यूजर्स को 15 जी बी मुफ्त क्लाउड स्टोरेज मिलती है. जिसे फीस देकर बढ़वा सकते है.

क्लाउड स्टोरेज की सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ये होता है. चाहे आपकी लोकल मशीन खराब हो जाए. आपकी हार्ड डिस्क डैमेज हो जाए. फिर भी आपका डेटा सुरक्षित रहता है.

#3 गूगल सर्च करें

Google Search

आपने बिल्कुल सही पढ़ा है. आप गूगल डॉक्स में ही गूगल सर्च सुविधा का लाभ उठा सकते है.

गूगल डॉक्स के मोबाइल एप यानि सभी एंड्रॉइड यूजर्स तथा आईफोन यूजर्स एप के अंदर बिल्ट-इन सर्च फीचर के जरिए इंटरनेट सर्च करके ग्राफिक्स, वीडियो, म्युजिक, पैराग्राफ, सुविचार आदि जोड़ सकते है.

उदाहरण के लिए मान लिजिए.

आपको लेख के लिए एक इमेज चाहिए. और वो इमेज आपके पास नहीं. तो इस इमेज को पहले आप डाउनलोड करेंगे फिर इनसर्ट करके डॉक्युमेंट में जोडेंगे.

मगर, गूगल डॉक्स के सर्च फीचर के जरिए आप सीधे इंटरनेट सर्च करेंगे और इमेज बिना डाउनलोड करें डॉक्युमेंट में जोड़ देंगे.

यह सभी कार्य करने के लिए आपको एप भी नहीं छोड़ना पड़ता है. यहाँ गूगल डॉक्स अपने सभी कीमती और फ्री प्रतिद्वंदीयों को धूल चटा देता है.

#4 शेयरिंग एवं सामुहिक चर्चा संभव

आपने मार्केटिंग के लिए कंपनी का फ्लायर तैयार किया है. जिसे फाइनल अप्रुवल मार्केटिंग टीम के अन्य सदस्यों की सहमती के बाद मिलेगी.

इस स्थिति में आप इस फ्लायर को अलग-अलग सभी सदस्यों को ईमेल करेंगे. इसके बाद, ये सदस्य आवश्यक एडिटिंग करने के बाद वापस आपके पास भेजेंगे.

आप संपादित की गई जानकारी, डिजाइन का विश्लेषण करने के बाद फाइनल कॉपी तैयार कर पाएंगे. इस तरह एक डॉक्युमेंट तैयार होता है.

लेकिन, इस समस्या को समाप्त किया है गूगल डॉक्स के शेयर एण्ड कोलाबोरेशन फीचर ने. जिसके द्वारा आप डॉक्युमेंट को वेब लिंक के जरिए शेयर कर पाते है.

इस वेब लिंक को कोई भी इंटरनेट यूजर एक्सेस कर पाता है.

यदि किसी डॉक्युमेंट पर टीम वर्क की जरूरत है. तब आप अन्य यूजर्स को इनवाइट भेजकर उन्हे डॉक्युमेंट एडिटिंग की इजाजत देकर सामुहिक रूप में एक डॉक्युमेंट पर वर्क करा सकते है.

इस तरह काम करने पर डॉक्युमेंट की एक कॉपी रहती है. और अन्य यूजर्स द्वारा किए जा रहे फेरबदल रिविजन कॉपी के रूप में सेव रहते है. जिन्हे कोई भी यूजर एक्सेस कर सकता है.

#5 मल्टी-डिवाइस सपोर्ट

गूगल डॉक्स को आप किसी भी ब्राउजर के जरिए एक्सेस कर सकते है. यह वर्ड एडिटर प्रोग्राम सभी मुख्य ब्राउजरों के जरिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

एम एस वर्ड या फिर अन्य वर्ड एडिटर प्रोग्राम्स की तरह आपको किसी विशेष उपकरण (कम्प्युटर या लैपटॉप) की जरुरत नहीं है.

आप एक स्मार्टफोन में भी फुल फीचर्स के साथ गूगल डॉक्स का उपयोग कर सकते है. यह सभी यूजर्स के लिए एक समान, एक रूप में उपलब्ध है.

कम्प्युटर तथा लैपटॉप पर वेबसाइट के अलावा क्रोम एक्सटेंशन के रूप में यूजर्स के लिए उपलब्ध है. तो मोबाइल और टैबलेट्स के लिए एप विकसित किया गया है.

जिसे एंड्रॉइड यूजर्स गूगल प्ले स्टोर से और आईफोन यूजर्स एप स्टोर से मुफ्त डाउनलोड कर सकते है. विंडॉज तथा अन्य मोबाइल प्लैटफॉर्म इस एप को उनके एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते है.


#6 एड-ऑन की सुविधा

Google Docs Add-ons

गूगल डॉक्स को अतिरिक्त ताकत और क्षमता प्रदान करने का काम करते है एड-ऑन.

यह एक छोटी सी फाइल होती है जो किसी प्रोग्राम को उसकी क्षमता के अतिरिक्त फीचर्स प्रदान करती है.

गूगल क्रोम स्टोर में एक ही काम विशेष को पूरा करने के लिए दर्जनों एक्सटेंशन मौजूद है. जिन्हे आप इंस्टॉल करके गूगल डॉक्स की फंक्शनेलिटी में इजाफा कर सकते है.

#7 ऑफलाइन वर्क संभव

गूगल डॉक्युमेंट का बेस्ट यूजर अनुभव आपको ऑनलाइन वर्क करने में महसूस होता है. और इस प्रोग्राम को ऑनलाइन काम करने के लिए ही विकसित किया गया है.

लेकिन, हर यूजर हर वक्त ऑनलाइन नहीं रह सकता है. और ना ही हर जगह इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है. इसलिए, ऑफलाइन वर्क करने के लिए भी गूगल डॉक्स को सक्षम बनाया गया है.

जब आप “गूगल डॉक्स पर ऑफलाइन काम कैसे करें” गूगल करेंगे तो सैंकड़ों की संख्या में जवाब मिल जाएंगे. इसलिए गूगल जरूर करें.

इसके अलावा गूगल द्वारा मोबाइल एप और क्रोम एक्सटेंशन विकसित किए गए है. जिनकी मदद से गूगल डॉक्स पर ऑफलाइन करना संभव है.

How to Use Offline Google Docs in Hindi

  • स्टेप: #1 – कम्प्युटर पर या लैपटॉप से गूगल डॉक्स की होम स्क्रीन पर जाए.
  • स्टेप: #2 – अब सबसे ऊपर बाएं तरफ जाकर मुख्य मेनू पर क्लिक करें.
  • स्टेप: #3 – मुख्य मेनु से Settings पर क्लिक करें.
  • स्टेप: #4 – सेटिंग्स से “Offline” एक्सेस को ऑन कर दें.
  • स्टेप: #5 – इसके बाद क्रोम ब्राउजर में गूगल डॉक्स ओपन करें. और ऑफलाइन काम करना शुरु कर दें.

ध्यान दें

ऊपर बताए गए स्टेप्स को फॉलो करने से पहले “Google Docs Offline Chrome Extension” क्रोम ब्राउजर में इंस्टॉल होना चाहिए. और सारी प्रक्रिया केवल क्रोम ब्राउजर की सामान्य टैब (प्राइवेट नहीं) में पूरी करें.

#8 एम एस वर्ड के अनुकूल

यदि आप एम एस वर्ड पर काम करने के आदी थे तो कोई बात नहीं है. आपकी इस सुविधा का पूरा ख्याल गूगल डॉक्स ने किया है. आपको गूगल डॉक्स पर स्विच करने पर कोई असुविधा नहीं होगी. और ना ही वर्ड डॉक्युमेंट्स को अपडेट करना है.

आप सभी वर्ड डॉक्युमेंट्स को गूगल डॉक्स के इम्पॉर्ट फीचर के द्वारा वर्ड डॉक्युमेंट्स को गूगल डॉक्स में कनवर्ट कर सकते है.

कनवर्ट करने पर डॉक्युमेंट की फॉर्मेटिंग खराब नहीं होती है. इसलिए आपको समय खराब करने की जरूरत नहीं रहती. आपने जहाँ पर काम बंद किया था. वहाँ से काम शुरू कर सकते है.

#9 टेम्प्लेट्स की सुविधा

गूगल डॉक्स एक ऑनलाइन प्रोग्राम है. तो हर यूजर जल्दी में रहता है. और इस प्रोग्राम को ऐसे ही यूजर्स को ध्यान में रखकर स्पीड के लिए विकसित किया गया है.

आप फॉर्मेटिंग के चक्कर में समय व्यर्थ ना करें. इसके लिए बिल्ट-इन टेम्प्लेट्स तैयार किए गए है.

आप अपने काम के हिसाब से किसी एक टेम्प्लेट को चुनकर अपना कार्य शुरु कर सकते है. शेष काम गूगल डॉक्स संभाल लेता है.

यदि आपको खुद का रिजूम बनाना है तो आप रिजूम टेम्प्लेट लेकर सिर्फ जानकारी भरकर दो मिनट में ही ऑनलाइन रिमूज तैयार कर सकते है.

रिजूम तो एक बानगी भर है. इसके अलावा दर्जनों प्रकार के टेम्प्लेट्स गैलेरी में उपलब्ध है. साथ में कई ऑनलाइन सर्विसेस भी गूगल डॉक्स टेम्प्लेट्स उपलब्ध करवाती है.

#10 विभिन्न फाइल फॉर्मेट सपोर्ट

गूगल डॉक्स में विभिन्न प्रकार के डॉक्युमेंट्स सपोर्ट किए जाते है. आप केवल वर्ड फाइल ही नही बल्कि कई प्रकार की अन्य फाइलें भी ओपन कर सकते है. इनमें निम्न नाम शामिल है.

  • .doc
  • .docx
  • .docm
  • .dom
  • .dot
  • .dotx
  • .html
  • .txt
  • .rtf.
  • .odt

#11 अपडेटेड सॉफ्टवेयर

गूगल डॉक्स प्रोग्राम क्लाउड कम्प्युटिंग की ताकत का इस्तेमाल करता है. इसलिए सभी यूजर्स के लिए इसका एक और नया अपडेटेड वर्जन उपलब्ध रहता है.

यह सुविध अन्य वर्ड एडिटर प्रोग्राम्स में सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं रहती है. केवल कुछ प्रीमियम यूजर्स ही अप-टू-डेट वर्जन पर काम करने में कामयाब हो पातें है.

मगर, गूगल डॉक्स का हर नया फीचर, टूल बीटा वर्जन में पास होने के बाद सभी यूजर्स के लिए तुरंत उपलब्ध करवा दिया जाता है.

#12 उपयोग में आसान 

गूगल डॉक्स का उपयोग करना बहुत ही आसान है. इसका यूजर इंटरफेस साधारण यूजर को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. इसके डैशबोर्ड में एम एस वर्ड की भांती कमांड्स की भरमार नहीं है.

आप गूगल डॉक्स का बेसिक सीखने के बाद आराम से इसके ऊपर काम करके खुद डॉक्युमेंट्स भी तैयार कर सकते है. इसके बाद गूगल डॉक्स की एडवांस ट्रैनिंग लेकर इसके पेशेवर यूजर बनकर सुपर स्पीड में अपना काम कर सकते है.

यदि आपने एम एस वर्ड पर काम किया है तो गूगल डॉक्स पर काम करना आपके लिए बाएं हाथ का खेल है. इसलिए, घबराएं नहीं खुद पर विश्वास बनाएं रखें.

गूगल डॉक्स के नुकसान – Disadvantages of Google Docs in Hindi

कहा गया है कि चांद में भी दाग होता है. तो फिर गूगल डॉक्स में कुछ कमियाँ ना हो ऐसा संभव नहीं है.

वैसे तो इसकी कीमत इसकी सभी कमियों को ढकने के लिए पर्याप्त है. फिर भी कुछ छोटी-मोटी कमी है. जिनकी चर्चा नीचे की जा रही है.

  • गूगल डॉक्स ऑनलाइन उपलब्ध है. और सारा डेटा क्लाउड पर सेव रहता है. इसलिए इसे एक्सेस करने के लिए हमेशा इंटरनेट चाहिए. जो हर यूजर के लिए थोड़ा सा मुश्किल काम है.
  • डॉक्युमेंट्स भी ऑनलाइन रहते है. इसलिए, ऑफलाइन काम करना मुश्किल हो जाता है. और लोकल कॉपी सेव करने के बाद फिर उसका अपडेट वर्जन डाउनलोड करने का झंझट बना रहता है.
  • ऑफलाइन काम संभव है. लेकिन, हर यूजर टेक सेवी नहीं होता.
  • अन्य वर्ड एडिटर्स की तुलना में कम पावरफुल फीचर्स है.

गूगल डॉक्स का उपयोग कैसे करें – How to Use Google Docs in Hindi?

गूगल डॉक्स प्रोग्राम को ऑनलाइन किसी भी इंटरनेट कनेक्शन युक्त डिवाइस के द्वारा आसानी से एक्सेस किया जा सकता है. इसके लिए किसी खास सॉफ्टवेयर या मशीन की जरुरत नहीं है.

हम यहाँ पर तीन प्रमुख तरीके बता रहे है. जिनके द्वारा आप गूगल डॉक्स को जब चाहे तब एक्सेस कर सकेंगे.

  • Google Docs Website
  • Google Drive
  • Mobile App

#1 Google Docs Website

गूगल डॉक्स को एक्सेस करने का सबसे भरोसेमंद और सरल तरीका गूगल डॉक्स की वेबसाइट है. जिसके द्वारा किसी भी इंटरनेट डिवाइस में ब्राउजर द्वारा इस वर्ड एडिटर प्रोग्राम को एक्सेस किया जा सकता है.

गूगल डॉक्स का वेब-एड्रेस इस प्रकार है.

https://docs.google.com

इस वेबसाइट को अपने डिवाइस में इंस्टॉल किसी भी ब्राउजर की एड्रेस बार में कॉपी करके सर्च करने पर आप गूगल डॉक्स की होम स्क्रीन पर पहुँच जाएंगे.

होम स्क्रीन पर पहुँचने के बाद आपसे लॉग इन करने के लिए कहा जाएगा. तो लॉग इन करने के लिए गूगल अकाउंट का इस्तेमाल करें. यदि आपके पास गूगल अकाउंट नहीं है तो पहले खुद का गूगल अकाउंट बनाए.

गूगल अकाउंट से लॉग इन करने के बाद New बटन पर क्लिक करें और अपना डॉक्युमेंट तैयार करें.

ध्यान दें

यदि आप इस वेब-एड्रेस को क्रोम ब्राउजर में सर्च करेंगे तो लॉग इन करने की कोई जरूरत नहीं रहती है. इसलिए बेहतर एक्सेस, स्पीड और नियंत्रण के लिए आप क्रोम ब्राउजर में ही गूगल डॉकस का उपयोग करें.

#2 Google Drive

गूगल शीट्स की तरह गूगल डॉक्स को भी आप गूगल ड्राइव एप के माध्यम से उपयोग कर सकते है. यह तरीका वेब वर्जन और मोबाइल एप दोनों पर काम करता है.

गूगल ड्राइव से गूगल डॉक्स को एक्सेस करने के लिए निम्न स्टेप्स को फॉलो करें.

  • स्टेप: #1 – गूगल ड्राइव ओपन करें.
  • स्टेप: #2 – इसके बाद New पर क्लिक करें.
  • स्टेप: #3 – अब उपलब्ध विकल्पों में से पहले Google Docs का चुनाव करें फिर Blank Document पर क्लिक करें.
  • स्टेप: #4 – ऐसा करते ही आपके सामने गूगल डॉक्स ओपन हो जाएगा.
Opening Google Docs from Google Drive

#3 Google Docs Mobile Application

आपके पास कम्प्युटर या लैपटॉप का जुगाड़ नहीं है. और आप स्मार्टफोन अथवा टैबलेट में गूगल डॉक्स का उपयोग करने का विचार कर रहे है तो गूगल डॉक्स का मोबाइल एप आपके लिए ही बना है.

क्योंकि गूगल डॉक्स एप एंड्रॉइड, आईऑएस तथा विंडॉज आदि लोकप्रिय प्लैटफॉर्म्स के लिए मुफ्त उपलब्ध है. साथ में कुछ अन्य मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम्स जैसे ब्लैकबेरी के लिए भी एप विकसित किया गया है.

अब सवाल आता है कि गूगल डॉक्स एप डाउनलोड कैसे करें?

तो इसका जवाब नीचे दिया जा रहा है. आप दिए गए स्टेप्स को फॉलों करके एप को आसानी से डाउनलोड करने में कामयाब हो जाएंगे.

  • स्टेप: #1 – सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर में जाए
  • स्टेप: #2 – अब सर्च बॉक्स में “google docs” लिखकर सर्च करें
  • स्टेप: #3 – प्राप्त परिणामों में से Google Docs का चुनाव करें या फिर इस लिंक पर टैप करें – Google Docs App
  • स्टेप: #4 – अब Install बटन पर टैप करके एप इंस्टॉल कर लें.
  • स्टेप: #5 – इंस्टॉल होने के बाद Open पर टैप करें और ऑन स्क्रीन निर्देशों का पालन करते हुए एप को शुरु करें.

गूगल डॉक्स प्रोग्राम कैसे सीखें – How to Learn Google Docs in Hindi?

अब हम मुख्य सवाल पर आते है कि गूगल डॉक्स कैसे सीखें?

तो हम आपको बता दें गूगल डॉक्स को सीखना बहुत ही आसान है. आप एम एस वर्ड का उपयोग करते है तो किसी भी अतिरिक्त ट्रैनिंग की कोई जरूरत नहीं है.

यदि आप नए है और शुरुआत ही गूगल डॉक्स से हो रही है. तब आप नीचे बताए गए तरीकों में से किसी भी तरीके का चुनाव करके गूगल डॉक्स की ट्रैनिंग लें सकते है.

  • ऑनलाइन कोर्स करें
  • किताबें खरिदें
  • इंटरनेट से सीखें
  • गूगल हेल्प सेंटर की मदद लें
  • एम एस ऑफिस सीखें

#1 ऑनलाइन कोर्स करें

गूगल डॉक्स को सीखकर महारत हासिल करने का सबसे तेज और उपयुक्त तरीका है किसी ऑनलाइन कोर्स में एंरॉल करना.

क्योंकि इन कोर्सेस को आप अपनी जरूरत और उपलब्ध समय के आधार पर चुनाव करते है. इसलिए सीखने में ज्यादा ध्यान लगता है.

आजकल डिजिटल शिक्षा का बोलबाला है. इसलिए आपको दर्जनों ऑनलाइन एजुकेशन पोर्टल मिल जाएंगे. जहाँ से आप बेस्ट ऑनलाइन कोर्सेस टू लर्न ग़ूगल डॉक्स ढूँढ़कर एडमिशन लेकर सीखना शुरु कर सकते है.

  • Coursera
  • Udemy
  • KhanAcademy
  • Lynda
  • SkillShare
  • Alison

ये नाम सिर्फ बानगीभर है. जब आप इंटरनेट पर गूगल डॉक्स ट्रैनिंग के वीडियो कोर्स ढूँढ़ना शुरु करेंगे. तो ऐसे दर्जनों नाम सामने आ जाएंगे.

गूगल डॉक्स के प्रोफेशनल कोर्स तथा बेसिक कोर्स आपको Udemy Portal पर मिल जाएंगे. आप यहाँ जाकर अपने लिए बेस्ट गूगल डॉक्स कोर्स ढूँढ़कर एंरॉल करके ट्रैनिंग शुरु करें.

#2 किताबें खरिदें

Buy Online Google Docs Books

किताबें ज्ञान का भण्ड़ार होती है. इसलिए, किसी भी चीज को सीखने का सैद्धातिंक तरीका किताबों में मिलता है. और इतिहास गवाह है किताबें हम इंसानों की सबसे वफादार मित्र साबित हुई है.

इसलिए, आप भी गूगल डॉक्स बेस्ट बुक्स खरीद सकते है. ये किताबें आपको एमेजन जैसे ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल में मिल जाएंगी.

यदि, आप ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करते है. तब आप मार्केट में जाकर किताबों की दुकानों पर गूगल डॉक्स की ट्रैनिंग देने वाली बढ़िया बुक्स खरीद सकते है.

हमारा अनुभव कहता है आपको सूचना तकनीक और नई टेक्नोलॉजी से संबंधित किताबें ऑनलाइन ही खरिदनी चाहिए. ऐसा करने से आपका समय और कुछ पैसा दोनों बचते है.

#3 इंटरनेट से सीखें

“Learn free google docs” जब आप इस टर्म को गूगल करेंगे तो आपके सामने हजारों परिणाम आ जाएंगे. इन परिणामों में सैंकड़ों वेबसाइट्स के नाम उभरकर आएंगे. जो गूगल डॉक्स की मुफ्त ट्रैनिंग प्रोवाइड करवाती है.

लेकिन, आपके लिए इन वेबसाइट्स तक पहुँचना थोडा मुश्किल हो सकता है. इसलिए हमने कुछ वेबसाइट्स के नाम आपके लिए खोजे है. जहाँ से आप गूगल डॉक्स फ्री में सीख सकते है.

इन वेबसाइट्स पर मौजूद Google Docs Beginners Guide के जरिए आप शुरुआत से सीखेंगे. और इसके बाद एडवांस ट्रैनिंग की ओर बढ़ेंगे.

#4 गूगल हेल्प सेंटर की मदद लें

हर ऑनलाइन प्रोडक्ट का हेल्प सेंटर होता है. इसी तरह गूगल डॉक्स का भी हेल्प सेंटर है. जिसके जरिए यूजर्स की मदद की जाती है.

आप भी इस हेल्प सेंटर की मदद से गूगल डॉक्स पर काम करना सीख सकते है. यहाँ पर दो प्रकार से सीखने की सहुलियत है.

  • Help Articles
  • Community

Help Articles – गूगल डॉक्स के बारे में बहुत सारे हेल्प आर्टिकल्स लिखे हुए है. जिनके द्वारा आप गूगल डॉक्स का उपयोग करना सीख सकते है.

इन हेल्प आर्टिकल्स को आप नीचे मौजूद लिंक पर क्लिक करके मुफ्त एक्सेस कर सकते है. यह लिंक आपको सीधे गूगल डॉक्स हेल्प सेंटर पर पहुँचा देगी.

गूगल डॉक्स हेल्प सेंटर

Google Docs Community – गूगल के संस्थापकों का मानना है कि लंबा चलने के लिए साथ की जरूरत पड़ती है. इस सिद्धांत की पालना करते हुए. गूगल डॉक्स की कम्युनिटी बनाई गई है.

यहाँ पर गूगल डॉक्स यूजर्स आपस में एक-दूसरे यूजर्स की समस्याओं को सुलझाने का सामुहिक प्रयास करते है. इसलिए, आप भी गूगल डॉक्स कम्युनिटी जरूर जॉइन करें.

गूगल डॉक्स कम्युनिटी से जुड़ने और मदद लेने तथा करने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें.

गूगल डॉक्स कम्युनिटी  

#5 एम एस ऑफिस सीखें

गूगल डॉक्स को सीखने का सबसे सरल और सीधा तरीका है एम एस ऑफिस सीख लिया जाए. यानि ऑफिस सीखने के साथ-साथ गूगल डॉक्स की ट्रैनिंग मुफ्त होगी.

ऐसा हम इसलिए कहे रहे है. एम एम वर्ड और गूगल डॉक्स दोनों लगभग एक जैसे प्रोग्राम है. इसलिए, वर्ड ट्रैनिंग लेने के बाद गूगल डॉक्स पर आसानी से काम किया जा सकता है.

दूसरी बात यह है कि एम एस वर्ड की ट्रैनिंग आपको आसानी से उपलब्ध हो जाएगी. लेकिन, गूगल डॉक्स सीखने के लिए आपको पापड़ बेलने पड़ेगे तब जाकर कहीं कोई गुरु मिलेगा. ज्यादा चांस है यह गुरु भी डिजिटल गुरू हो.

इसलिए एम एस ऑफिस सीखना ज्यादा बेहतर है. इसे सीखने के लिए आप इंटरनेट, किताबें, ऑनलाइन कोर्स, कम्प्युटर इंस्टिट्यूट्स आदि का सहारा लें सकते है.

गूगल डॉक्स और एम एस वर्ड में अंतर – Difference Between Google Docs and MS Word in Hindi

Different between Google Docs and MS Word in Hindi

यह सवाल हर कोई पूछता है कि गूगल डॉक्स और एम एस वर्ड क्या अंतर है. और क्या गूगल डॉक्स एम एस वर्ड से बेहतर वर्ड एडिटर प्रोग्राम है?

इस सवाल का जवाब देने के लिए अलग से लेख लिखा जा सकता है. तब भी इन दोनों प्रोग्राम्स की तुलना (Comparison between Google Docs and MS Word in Hindi) के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे.  

इसलिए, हमने नीचे एक छोटा सा प्रयास किया है. और इन दोनों प्रोग्राम्स का तुलनात्मक अध्ययन किया है. इस तुलना से आप खुद निर्णय कर सकेंगे कि कौनसा वर्ड एडिटर प्रोग्राम आपके लिए उपयोगी और बेहतर है.

  • गूगल डॉक्स सभी यूजर्स के लिए मुफ्त उपलब्ध है. लेकिन, एम एस वर्ड केवल खरिदने वाले यूजर्स के लिए मिलता है. इसलिए इसकी एक्सेस सीमित है. हर कोई इस प्रोग्राम का उपयोग नहीं कर सकता है.
  • गूगल डॉक्स का उपयोग आप असीमित डिवाइसों पर बिना सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें कर सकते है. मगर, एम एस वर्ड केवल एक ही डिवाइस का लाइसेंस देता है. दूसरे डिवाइस में सॉफ़्टवेयर उपयोग करने के लिए अलग से लाइसेंस खरिदना पड़ेगा.
  • गूगल डॉक्स यूजर्स पूरी तरह गूगल सर्वर पर निर्भर रहते है. उनका सारा डेटा क्लाउड पर सेव रहता है. जिसे ऑफलाइन एक्सेस करना हर समय संभव नहीं है. इसलिए, इंटरनेट ना हो तो गूगल डॉक्स तनाव का कारण बन सकता है.
  • मगर, एम एस वर्ड पूरी तरह ऑफलाइन काम करने के लिए विकसित किया गया है. सारा डेटा लोकल मशीन में सेव रहता है. इसलिए, इंटरनेट हो ना हो आपका काम नहीं रुकेगा.
  • एम एस वर्ड का यूजर इंटरफेस सरल मगर पावरफुल है. इसलिए प्रोफेशनल तथा बिजनेस क्लाइंट्स इसी वर्ड एडिटर प्रोग्राम को प्राथमिकता देते है. लेकिन, औसत यूजर्स के लिए गूगल डॉक्स एक बेहतर और सस्ता वर्ड एडिटर प्रोग्राम है.
  • गूगल डॉक्स क्लाउड-आधारित है. इसलिए सारा काम ऑटोसेव रहता है. आपका एक भी अक्षर गायब नहीं होगा. लेकिन, ये सुविधा एम एस वर्ड के साथ नहीं मिलती है. आपको बार-बार Ctrl+S दबाना पड़ता है.
  • गूगल डॉक्स को विभिन्न फाइल फॉर्मेट में डाउनलोड किया जा सकता है. लेकिन, एम एस वर्ड कम फाइल फॉर्मेट की सुविधा के साथ पीडीएफ की सहुलियत देता है. जो गूगल डॉक्स में सीमित है.
  • गूगल डॉक्स पर सामुहिक काम किया जा सकता है. एम एस वर्ड में इस फीचर का अभाव है.
  • गूगल डॉक्स का उपयोग छोटे डिवाइसों पर भी बढ़िया तरीके से किया जा सकता है. जो एम एस वर्ड में सीमित है.

ये कुछ बुनियादी अंतर है इन दोनों प्रोग्राम्स में. अब आप खुद सोचिए और निर्णय लिजिए कि एम एस वर्ड बेहतर है या फिर गूगल डॉक्स ने आपको लुभा लिया है.

हमारी राय

हमारी राय माने तो आप पहले इन दोनों प्रोग्राम्स को एक-एक सप्ताह के लिए इस्तेमाल करके देखीए और पता लगाइए आपकी जरूरत किस प्रोग्राम द्वारा समय पर और ज्यादा आसानी से पूरी की जाती है.

यदि आप वर्क फ्रॉम होम यानि बॉस फ्री लाइफ जीन वाले इंसान है तो आप गूगल डॉक्स के साथ जा सकते है. इसकी क्लाउड सेवा आपको बहुत सहुलियत प्रदान करेगी.

यदि आपकी ऑफिस का सारा काम एम एस ऑफिस पर निर्भर है और आपका आउटलुक अकाउंट बना हुआ है. तब आप एम एस वर्ड के साथ जाए. और इसके दमदार तथा ज्यादा फीचर्स का लाभ लें.

आपने क्या सीखा?

इस लेख में हमने आपको गूगल डॉक्स प्रोग्राम के बारे में पूरी जानकारी दी है. आपने जाना कि गूगल डॉक्स क्या होता है, इसका उपयोग कैसे करते है, गूगल डॉक्स और एम एस वर्ड में क्या अंतर है?

साथ ही गूगल डॉक्स के फायदें-नुकसान तथा सामान्य सवाल-जवाबों के बारे में भी आपने जाना है.

हमें उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा और आपको गूगल डॉक्स की बेसिक जानकारी के अलावा एडवांस कमांड्स सीखने में भी राह दिखाने का काम करेगा.

आपसे एक ओर गुजारिश है गूग़ल डॉक्स की इस गाइड को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें. ताकि वे भी इस फ्री ऑनलाइन वर्ड एडिटर प्रोग्राम के बारे में जान सके सीख सके.

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